'गजरौला में प्रदूषण से बढ़ रहे दमा और सांस के रोगी'

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हानिकारक गैस और प्रदूषित पानी से गजरौला और उसके आसपास का क्षेत्र प्रभावित हो रहा है.
नारायण जन कल्याण वेलफेयर सोसाइटी ने मोहल्ला अल्लीपुर भूड़ में टीबी जागरूकता को लेकर एक गोष्ठी का आयोजन किया। संस्था के संस्थापक सचिव डॉ. उत्तम सिंह प्रजापति ने कहा कि गजरौला औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण यहां दमा और सांस व टीबी के रोगी अधिक संख्या में हैं। इसका प्रमुख कारण है फैक्ट्रियों से निकलने वाला दूषित धुआँ।

डॉ. उत्तम ने कहा कि दूषित गैस और प्रदूषित पानी जिस कारण गजरौला और उसके आसपास का 200 फिट जल पीने योग्य नहीं रहा। वायु दूषित हो गई है। यहां की भूमि अनुपजाऊ हो रही है। पेड़-पौधे शुद्ध वायु नहीं दे पाते जिस कारण यहां स्वस्थ व्यक्ति भी बीमार हो जाता है। अभी कुछ दिन पूर्व ही प्रदूषित गैस के कारण आंखों में जलन, सांस लेने में दिक्कत आदि हो रहा था। इसे लेकर नगर पालिका परिषद गजरौला की चेयरमैन अंशु नागपाल ने भी चिंता व्यक्त की और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी भी भौगोलिक स्थिति से रूबरू हुए। 

डॉ. उत्तम ने कहा की यहां संक्रमण अधिक मात्रा में है जिस कारण टीबी रोगी अधिक हैं। यदि आस-पड़ोस या रिश्तेदारी में कोई दो हफ्ते से ज्यादा खांसी वाला रोगी पाया जाता है तो उसे नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र भेजकर बलगम परीक्षण अवश्य कराएं और यदि पॉजिटिव आए तो टीबी की सबसे अच्छी और निशुल्क दवाई डॉट्स खा लेने की सलाह अवश्य दें।

इस अवसर पर रामकिशोर मदन कुमार, पिंटू कुमार, रवि नागर, प्रवीण कुमार, राजेंद्र सिंह मिस्त्री, चंद्रपाल, विजय पाल सिंह, पिंटू प्रजापति, अनस, जयपाल सिंह, अंकुर नागर आदि उपस्थित रहे।

-टाइम्स न्यूज़ गजरौला.

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