विधायक तरारा और जुबिलेंट ने कोरोना के खिलाफ पूरी ताकत झोंकी, कई लोग भी आगे आए

rajeev-tarara-jubilant-life
जुबिलेंट जिला प्रशासन तथा विधायक के आहवान पर भोजन आदि का नियमित वितरण कर रही है.
कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप से विश्व भर में घोर चिंता है तथा उससे निजात पाने के लिए तमाम सरकारें हर संभव प्रयास में जुटी हैं। फिर भी यह बीमारी कम होने के बजाय तेजी से आगे बढ़ रही है, वहीं नए मामले पहले से अधिक बढ़ते जा रहे हैं। हमारे देश में भी जैसे-जैसे जांच की गति बढ़ रही है उसी तरह संक्रमण के मरीजों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। संक्रमण के शिकार मरीजों का आंकड़ा देश में 16 अप्रैल तक 12 हजार के पार हो गया। यह चिंता करने वाली बात है। देश की आर्थिक राजधानी मुम्बई में सबसे अधिक मामले सामने आ रहे हैं। देश की राजधानी दिल्ली दूसरे स्थान पर है। गुजरात में एक विधायक में संक्रमण मिलने के बाद मुख्यमंत्री तक ने स्वयं को असुरक्षित मान लिया है।

दूसरी बार लॉकडाउन घोषित होने पर लोगों से अधिक सतर्कता बरतने की अपील की जा रही है। औद्योगिक नगर गजरौला में जहां धनौरा विधायक राजीव तरारा दिन-रात लॉकडाउन से प्रभावित गरीब लोगों को भोजन आदि प्रदान करने तथा क्षेत्र की स्थिति पर पूरी तरह नजर गढ़ाये हैं, उसी प्रकार उन्होंने दूसरे संपन्न लोगों को भी जरुरतमंदों का सहयोग करने का आग्रह किया है। उनके प्रयास से कई लोग कोरोना के खिलाफ लड़ाई में आगे आए हैं तथा नकद राशि से लेकर भोजन आदि का सहयोग जरुरतमंदों के लिए कर रहे हैं।

vidhayak-rajeev-tarara-kitchen

विधायक तरारा ने गजरौला, बछरायूं तथा धनौरा में मोदी-योगी रसोईयां चालू करायी हैं जहां से ताजा तैयार भोजन जरुरतमंद परिवारों तक भेजा जा रहा है। इन तीनों स्थानों की रसोइयों का खर्च विधायक वहन कर रहे हैं जबकि कई कार्यकर्ता भोजन तैयार करने का काम कर रहे हैं। सरकार अथवा कोई अन्य संस्था इन रसोइयों के लिए किसी भी तरह का आर्थिक सहयोग नहीं कर रही।

jubilant-company-gajraula-photo

नगर की सबसे बड़ी औद्योगिक कम्पनी जुबिलेंट लाइफ साइंसेज लि. जिला प्रशासन तथा विधायक राजीव तरारा के आहवान पर भोजन, उसके कच्चे माल, आटा, दाल, चावल आदि का नियमित वितरण कर रही है। घर-घर मुफ्त सेनिटाइजर भिजवाया जा रहा है। मास्क वितरण भी जारी है। अस्पतालों तथा नगर पंचायत को प्रतिदिन पचास लीटर निशुल्क सेनिटाइजर कम्पनी पहले लॉकडाउन के समय से लगातार दे रही है। कई अन्य स्तरों पर कम्पनी सेवायें दे रही है। सरकार के खजाने के लिए भी कम्पनी राहत कोष में काफी धन दे चुकी है। उधर टेवा एपीआई थोड़ी सेवा करने ओर बढ़ी है। कई समाजसेवी संगठन तथा जनसेवी लोगों ने भी अपने स्तर से समाज सेवा के लिए कदम बढ़ाए हैं।

-टाइम्स न्यूज़ गजरौला (अमरोहा).