आम उत्पादकों को देश की बड़ी मंडियों तक आम ले जाने की छूट मिले

mango-in-amroha
धनौरा और गजरौला विकास खंडों में इस समय जिले के शेष भाग से अधिक आम हैं.
कोरोना वायरस की वजह से वैसे तो किसानों को नुक्सान पहुंचा है लेकिन सब्जी, फल तथा दुग्ध उत्पादकों को भारी मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है। गन्ना, गेहूं, धान तथा दलहन की खेती पर मौसमी मार पड़ी है। लगभग सभी किसान फल, सब्जी अथवा दुग्ध उत्पादन से भी जुड़े हैं। फलों, सब्जियों तथा दूध की निकासी सुदूर क्षेत्रों में सुचारु न होने से किसानों को भारी आर्थिक क्षति पहुंची है। स्थिति यहां तक खराब है कि कई किसानों ने टमाटर, खीरा तथा लौकी की खड़ी फसलों को जोत दिया है।

ऐसे में जहां शहरी इलाकों में सब्जी, फलों तथ दूध की उपलब्धता कम होने से ये चीज़ें मिलने में दिक्कतें आयीं वहीं कीमतें भी ऊपर चढ़ गयीं। इसके विपरीत गांवों तथा छोटे कस्बों में ये सस्ती हो गयीं। किसान और नगरीय उपभोक्ता दोनों ही घाटे में रहे।

अमरोहा जनपद में सरकारी आंकड़े कुछ भी कहें लेकिन इस समय यहां कुल कृषि भूमि के चालीस फीसदी भाग में आम के बाग बहार के साथ खड़े हैं जबकि दस फीसदी कृषि भूमि पर एक-दो साल पहले लगाये आम और अमरुद के बाग लहलहा रहे हैं। लगभग 80 फीसदी किसान ऐसे हैं जिन्होंने अपनी भूमि के अधिकांश क्षेत्र में बाग लगा रखे हैं। गन्ना और गेहूं आदि की फसलों के लिए इनके पास कम भूमि शेष है। ऐसे में देखा जाए तो पूरा अमरोहा जनपद एक प्रमुख आम उत्पादक जनपद है।

mango-plantation

बाग मालिक प्रायः अपने बागों की खड़ी फसल ठेकेदारों के हवाले कर देते हैं। इस बार भी ऐसा ही हुआ है।

बार-बार वर्षा होने से इस बार बौर फूफूंदी का शिकार हो गया था। महंगी दवाओं के सहारे उसे बचाया गया। आम अच्छा आया था। पिछले पखवाड़े दो बार आयी आंधी के कारण उसे बहुत क्षति पहुंची। शैशव अवस्था में ही तीस फीसदी आम झड़ गया, जो किसी काम का नहीं रहा।

बचा आम बढ़वार पर है लेकिन मौसम का भरोसा नहीं। बछरायूं के बाग ठेकेदार नाजिम का कहना है कि उसने बछरायूं और फत्तेहपुर-छीतरा के करीब आठ सौ बीघा बाग ठेके पर लिए हैं। भारी भरकम खर्च हुआ है। ऊपर वाले ने मौसम की मार से बचाया और लॉकडाउन में आम बाहर जाने की पाबंदी नहीं हुई तो अच्छे पैसे बनेंगे। नहीं तो बरबादी के अलावा कुछ हासिल नहीं होने वाला।

mango-fruit-photo

धनौरा और गजरौला विकास खंडों में इस समय जिले के शेष भाग से अधिक आम हैं। हसनपुर, अमरोहा, जोया और नौगांवा सादात चार ब्लॉक में इन दो ब्लॉक से अधिक क्षेत्र में आम नहीं होगा। सरकार के बाग मालिक किसानों, ठेकेदारों तथा उपभोक्ताओं के हित में आम को देश की बड़ी मंडियों तक ले जाने की छूट प्रति वर्ष की तरह देनी चाहिए। इससे लॉकडाउन के कारण शिथिल अर्थतंत्र को सहारा मिलेगा।

-टाइम्स न्यूज़ अमरोहा.