भाजपा नेता ने इ.ओ. पर लगाए भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप

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पूर्व सभासद अनिल अग्रवाल ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में शीघ्र जांच की मांग की.

वरिष्ठ भाजपा नेता एवं पूर्व सभासद अनिल कुमार अग्रवाल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए उनकी जांच की मांग की है। पत्र की प्रतियां प्रधानमंत्री कार्यालय और कई वरिष्ठ अधिकारियों को भी भेजी है। 

पंजीकृत डाक से भेजे पत्र में भाजपा नेता ने इ.ओ. विजेन्दर सिंह पाल पर हिन्दू बाहुल्य नगर में भैंसे के मांस की सात दुकानों का लाइसेंस देने का आरोप लगाते हुए स्पष्ट किया है कि वे और उनके बड़े भाई पांच-पांच साल पालिका सभासद रहे हैं उनके विरोध के कारण यहां भैंसे के मांस की किसी भी दुकान की इजाजत नहीं दी गयी। परंतु मौजूदा इ.ओ. ने एक साथ सात दुकानों को लाइसेंस दे दिए। 

मुख्यमंत्री के नाम भेजे पत्र में पूर्व सभासद ने मई 2017 से 20 जून 2020 तक हुए विकास कार्यों में भारी भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि स्वीकृत धन में से मात्र बीस फीसदी खर्च कर शेष धन भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा है। पत्र में संविदा कर्मियों को दिए जा रहे दैनिक वेतन में भी कमीशनखोरी का आरोप मंढा गया है। 

शिकायती पत्र में इ.ओ. पर नाला सफाई से लेकर लाइट खरीद और फव्वारा निर्माण में करोड़ों के घोटालों के आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। पत्र में पूर्व सभासद ने पालिका की संपत्ति का ब्यौरा तलब कर, इ.ओ. से बेची संपत्ति का हिसाब लेकर शेष संपत्तियों की चाहरदीवारी की मांग की गयी है। 

पत्र में थाना चौराहा से बस्ती तक नाला निर्माण में भारी घोटाले और पुरानी ईंटों के इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए कहा गया है कि इ.ओ. ने अन्य व्यक्ति के नाम पर इसका ठेका अपने भतीजे को दिया है।

शिकायती पत्र में इ.ओ. पर यह भी आरोप है कि कोरोना जैसी महामारी के बहाने भी इ.ओ. ने लाखों रुपये हड़पे हैं। सभी शिकायतों और आरोपों की जांच की मांग करते हुए अनिल कुमार अग्रवाल ने उचित कार्रवाई अमल में लाने का अनुरोध मुख्यमंत्री से किया है। यही नहीं उन्होंने इस पत्र की एक प्रति प्रधानमंत्री कार्यालय को भी संज्ञान हेतु प्रेषित की है। अग्रवाल ने इस पत्र की प्रतियां निदेशक, स्थानीय निकाय उत्तर प्रदेश, लखनऊ, प्रमुख सचिव नगर विकास विभाग  उ.प्र. लखनऊ, मंत्री नगर विकास विभाग उ.प्र., राज्यपाल उत्तर प्रदेश, गृहमंत्री भारत सरकार और अमरोहा के जिलाधिकारी को भी भेजी है। 

पत्र में निवेदन किया गया है कि उनकी शिकायतों और आरोपों की गजरौला की जनता के हित में जांच की जाये। इसी के साथ शीघ्र ही कठोर कार्रवाई की मांग भी की है।

-टाइम्स न्यूज़ गजरौला.