जिला पंचायत वार्ड-10 : दिलचस्प मुकाबले में भूपेन्द्र मजबूती की ओर

दिलचस्प-मुकाबले-में-भूपेन्द्र

जिला पंचायत वार्ड 10 में जब तक भाजपा और सपा ने उम्मीदवार नहीं उतारे थे, तब तक बसपा के एकमात्र उम्मीदवार का जोर दिखाई दे रहा था और चरचायें जोर पकड़ रही थीं कि पिछली दो बार की तरह यह वार्ड बसपा के खाते में जाने वाला है लेकिन भाजपा से भूपेन्द्र सिंह के मैदान में आने और सपा से जिलाध्यक्ष निर्मोज यादव के करीबी के मैदान में उतरने से यहां समीकरणों में उतार-चढ़ाव शुरु हो गया। यहां रालोद ने भी अपना उम्मीदवार खड़ा किया है।

इस समय वार्ड 10 में भाजपा के चौ. भूपेन्द्र सिंह और बसपा के सोरन सिंह के बीच आमने-सामने की टक्कर है। भूपेन्द्र सिंह ने अपनी पत्नी सरिता चौधरी के जिला पंचायत अध्यक्ष रहते वार्ड 10 के अधिकांश गांवों में बहुत काम कराया है। वार्ड के तमाम गांवों में पक्की सड़कें हैं जो संपर्क मार्गों के जरिए मुख्य सड़क मार्गों और राजमार्ग से जोड़ी गयी हैं।

चौधरी-भूपेन्द्र-सिंह-गजरौला

वार्ड के गांव वारसाबाद, फौंदापुर, नगला माफी, नगलिया बहादरपुर, खादगूजर, सादपुर, गंदासपुर, ततारपुर, लम्बिया, कटपुरा, मारकपुर, कुंआखेड़ा और छज्जूपुरा माफी का दौरान करने से पता चलता है कि इन गांवों तथा इन्हें जोड़ने वाले लगभग सभी मार्ग पक्के कराये गये हैं।

बुजुर्ग चरन सिंह, नगलिया के टीटू डॉक्टर, सतवीर सिंह, पप्पू आदि, सादपुर के मेहर सिंह, काले सिंह, राजेन्द्र सिंह, कुंआखेड़ा के देवेन्द्र सिंह, सतेन्द्र सिंह, छज्जूपुरा माफी के छतरपाल सिंह, कावेन्द्र सिंह आदि का कहना है कि उनके गांवों में अभी तक जिला पंचायत की ओर से जितना काम सरिता चौधरी के कार्यकाल में भूपेन्द्र सिंह ने कराया है उतना कभी किसी ने नहीं कराया। ऐसे में हम व्यक्तिगत रुप में भूपेन्द्र सिंह की विजय चाहते हैं। हमें इस बात से लेना देना नहीं कि वे किस पार्टी में हैं। उधर भूपेन्द्र सिंह का दावा है कि उन्हें उनके काम पर वोट मिलेंगे। लोग उनसे खुश हैं इस बार उन्हें पिछली बार से भी बड़ी विजय मिलेगी।

उधर सोरन सिंह भी प्रचार में संलग्न हैं तथा अपनी विजय का दावा कर रहे हैं। कौराला और महमदी में उन्हें  समर्थन मिल रहा है। जबकि सपा और रालोद उम्मीदवार पिछड़ने की ओर अग्रसर हैं।

-टाइम्स न्यूज़ अमरोहा.