नौगांवा से कई नेता सपा उम्मीदवारी की कोशिश में : अशोक चौधरी की मजबूत दावेदारी

अशोक चौधरी की मजबूत दावेदारीटीएसएम ग्रुप ऑफ़ एजुकेशन के चेयरमेन अशोक चौधरी राजनीति में भी ​सक्रिय भागीदारी निभाते रहे हैं। उनकी पत्नी गजरौला की ब्लॉक प्रमुख रही हैं। उनके समर्थक उन्हें नौगांवा सादात विधानसभा क्षेत्र से सपा उम्मीदवार बनाने को काफी समय से प्रयासरत हैं। सपा के कई नेता भी उनके पक्ष में हैं तथा हाइकमान तक उनके नाम को पहुंचाने में सफल रहे हैं। उनका दावा है कि मौजूदा स्थिति में भाजपा के खिलाफ किसानों में पैदा हुए आक्रोश के कारण किसानों और ग्रामांचल में अशोक चौधरी मजबूत उम्मीदवार हो सकते हैं। बीते दो चुनावों में लगातार पराजय की भरपायी ऐसे ही नेता के सहारे हो सकती है। हाल में ही सपा के क्षेत्रीय दिग्गजों की इस सिलसिले में अशोक चौधरी के गजरौला स्थिति आवास में एक बैठक भी हुई।

अशोक चौधरी का नाम उम्मीदवारी के लिए चरचाओं में आने की कई वजह हैं। अमरोहा, हसनपुर, नौगांवा सादात और मंडी धनौरा जनपद में चार विधानसभा सीटे हैं। जिनमें सपा अमरोहा से महबूब अली, हसनपुर से कमाल अख्तर तथा धनौरा से आरक्षित सीट की वजह से किसी एस.सी. उम्मीदवार को मैदान में लायेगी।

जातीय आधार पर इन चारों सीटों पर जाट मतदाता निर्णायक स्थिति में हैं। पिछली बार इन्हीं के बूते भाजपा चार में से तीन सीटें जीतने पर सफल रही थी। इस बार भाकियू के गढ़ इस जनपद में नए कृषि कानूनों के कारण किसान विशेषकर जाट भाजपा के खिलाफ एकजुट हैं। उधर सपा-रालोद गठबंधन भाजपा के लिए अलग मुसीबत बन चुका है। ऐसे में जनपद की चार में से सपा एक सीट तो उस बिरादरी को देगी जिसके मत उसे तीन अन्य सीटों पर विजय दिलाने में सहयोग देंगे। नौगांवा सादात ही इस अनुक्रम में जाट समुदाय के हिस्से में आती है। यदि ऐसा नहीं होगा ​तो जाट मतदाता दूसरी किसी पार्टी के साथ जा सकते हैं।

अशोक चौधरी की शिक्षण संस्थायें गजरौला से मुरादाबाद तथा संभल तक वर्षों से ग्रामांचलों में शिक्षा और दीक्षा की सेवायें दे रही हैं। इसी के साथ वे क्षेत्र में अनेक समाजसेवी कार्यों में संलग्न हैं। अकेले राजनीति के सहारे क्षेत्र का विकास संभव नहीं बल्कि इससे अलग जन जागरण और शै​क्षणिक सेवाओं के विस्तार की भी जरुरत है। जिसे अशोक चौधरी वर्षों से समर्पित भाव से अंजाम दे रहे हैं। उनका कहना है कि पार्टी से कई लोग उम्मीदवारी की मांग कर रहे हैं। जो उनका हक हैं। वे भी अपने स्तर से प्रयास में हैं। यदि पार्टी उन्हें दायित्व सौंपेगी तो वे नौगांवा सादात सीट को भारी मतों से जिताकर पार्टी के खाते में डालेंगे।

-टाइम्स न्यूज़ गजरौला.