विधानसभा चुनाव : धनौरा, नौगांवा में सपा-रालोद के टिकटार्थियों की संख्या बढ़ी

विधानसभा चुनाव धनौरा, नौगांवा

चार माह बाद होने जा रहे विधानसभा चुनावों की हलचल तेज होती जा रही है। इस सिलसिले में जनपद की चार सीटों में से दो विधानसभा सीटों पर उम्मीदवारों की संख्या बढ़ती जा रही है। ये सीटें हैं धनौरा (सुरक्षित) और नौगांवा सादात। इस समय दोनों सीटों पर भाजपा का कब्जा है। अमरोहा सपा तथा हसनपुर भाजपा के पास है। मजेदार बात यह है कि अमरोहा से अभी तक भाजपा, बसपा या सपा से कोई भी उम्मीदवारी नहीं मांग रहा। यह स्पष्ट है कि यहां से पूर्व मंत्री महबूब अली सपा से उम्मीदवार रहेंगे। यह भी स्पष्ट है कि फिलहाल यहां किसी भी दल में उन्हें टक्कर देने वाला नेता नहीं। यही वजह है कि कोई भी यहां बलि का बकरा नहीं बनना चाहेगा। पिछली बार भाजपा की आंधी में भी वे अजेय रहे। इस बार सपा-रालोद गठबंधन की वजह से वे और भी मजबूत हो गये हैं।

किसान आंदोलन के गति पकड़ने और सपा तथा रालोद की एकजुटता के कारण धनौरा और नौगांवा सादात सीटों पर गठबंधन को मजबूत मानते हुए सपा और रालोद से उम्मीदवारी की अभिलाषा पालने वालों का यहां तांता लगा है। इस चक्कर में कई नेता दल बदल कर इधर-उधर भाग रहे हैं। इस भागमभाग में ऐसे लोग दोनों दलों के नेताओं की सभाओं में समर्थकों के साथ शामिल हो रहे हैं। उक्त दोनों वि.स. क्षेत्रों में ऐसे लोगों के पोस्टर पटे पड़े हैं। मानो पोस्टर लगते ही उन्हें टिकट मिलने का रास्ता खुल गया है।

माना जा रहा है कि धनौरा या नौगांवा में से एक सीट रालोद और एक सपा को मिलेगी। हालांकि रालोद दोनों पर दावा कर रहा है जबकि सपा इनमें से एक सीट लेना चाहती है। अभी इस पर फैसला होना है। बल्कि अभी तो पूरे प्रदेश की सीटों पर समझौता होना है। उसके बाद ही पता चलेगा कि यहां किसे कितनी और कौन-कौन सी सीटें मिलेंगी।

जातीय तथा सोशल गणित के महारथी दावा कर रहे हैं गठबंधन जनपद की चारों सीटों पर कब्जा करेगा। उधर भाजपा 2017 का प्रदर्शन करने का दावा कर रही है। उसके दावे पर इसलिए संदेह है कि धनौरा, नौगांवा तथा अमरोहा सीटों पर भाजपा को उम्मीदवारी के लिए दो मौजूदा विधायकों के अलावा अभी किसी का नाम सामने नहीं आया। केवल हसनपुर में सिटिंग एमएलए के अलावा एक सैनी और एक खड़गवंशी का नाम सामने आया है। यहां से सपा का एकमात्र चेहरा पूर्व मंत्री कमाल अख्तर हैं।

धनौरा से सपा से टिकट चाहने वालों में, आलोक भारती, पूनम सिंह जाटव, पूर्व मंत्री जगराम सिंह, हरपाल सिंह, उर्वशी आदि अनेकों नेता शामिल हैं। यहीं से रालोद से पूर्व विधायक हरपाल सिंह, पूर्व जि.पं. अध्यक्ष सरिता चौधरी की पुत्रवधु और कपिल चन्द्रा उम्मीदवार बनना चाहते हैं। अभी यह भी पता नहीं कि यह सीट सपा या रालोद में से किसे मिलेगी। भाजपा यहां से अपने लोकप्रिय विधायक राजीव तरारा को फिर से मैदान में लायेगी।

नौगांवा सादात पर साइकिल सवारों की लंबी लाइन है। इनमें शिक्षण क्षेत्र में काम कर रहे अशोक चौधरी, पूर्व मंत्री स्व. चंद्रपाल सिंह के बेटे सरजीत सिंह, यहां से लगातार दो बार चुनाव हारे मौलाना आब्दी और पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ. जितेन्द्र यादव आदि लोगों के नाम शामिल हैं।

इस सीट पर दावा ठोक रहे रालोद के क्षेत्रीय अध्यक्ष अशफाक अली खां, पूर्व मंत्री मनवीर सिंह चिकारा, प्रदेश महासचिव चौ. रामवीर सिंह समेत कई नेताओं के नाम शामिल हैं। यहां एक पेंच यह भी है यदि रालोद को एक सीट और वह भी नौगांवा ही मिली तो धनौरा से टिकट मांग रहे रालोद नेता भी यहां से टिकट मांगने लगेंगे। जिससे उम्मीदवार छांटना कठिन होगा।

कुछ भी हो धनौरा और नौगांवा सीटों पर रालोद और सपा से टिकट मांगने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इससे दोनों ही दलों के शीर्ष नेतृत्व को बहुत माथापच्ची करनी होगी।

बसपा और कांग्रेस की स्थिति ऐसी है कि वहां उम्मीदवार तलाशना होगा। सपा और अखिलेश यादव के चाचा शिवपाल यादव भी यहां से अपना उम्मीदवार उतारेंगे। कुल मिलाकर चुनावी दंगल दिलचस्प रहेगा।

-टाइम्स न्यूज़ अमरोहा.